फर्जी आईडी के सहारे बीकानेर में चला रहे थे ड्रग्स का खेल, तीन ईरानी गिरफ्तार

shivam
3 Min Read

 

बीकानेर। बीकानेर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के जरिए देश में अवैध रूप से रहकर मादक पदार्थों की तस्करी करने के मामले में ईरान के तीन नागरिकों को दोषी करार देते हुए 5-5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों आरोपियों पर कुल 3.30 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक को 9-9 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

विशेष न्यायालय (एनडीपीएस एक्ट) के पीठासीन अधिकारी प्रमोद बंसल ने अपने फैसले में कहा कि मादक पदार्थों का दुरुपयोग और तस्करी एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। ऐसे अपराध समाज और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं, इसलिए इन पर कठोर नियंत्रण आवश्यक है।

अभियोजन के अनुसार, 5 फरवरी 2023 को नयाशहर थाना पुलिस के तत्कालीन एसएचओ वेदपाल सिवरान गश्त के दौरान मुक्ताप्रसाद पुलिस चौकी पहुंचे। इसी दौरान तकनीकी इनपुट और खुफिया सूचना के आधार पर नापासर व नाल थाना पुलिस की मदद से एक संदिग्ध टोयोटा कोरोला आल्टिस कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार से अलग-अलग राज्यों की दो लोहे की और चार प्लास्टिक की फर्जी नंबर प्लेटें बरामद हुईं।

कार में सवार तीनों ईरानी नागरिकों के सामान की तलाशी लेने पर मादक पदार्थ, फर्जी भारतीय दस्तावेज और नकदी बरामद हुई। होशियार मोहम्मद के बैग से 34.10 ग्राम गांजा, ईरानी पासपोर्ट, फर्जी भारतीय आधार कार्ड और 45 हजार रुपये नकद मिले। सलमान उर्फ शहराम जक्री के कब्जे से 35 ग्राम अफीम, ईरानी पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, फर्जी आधार कार्ड और 43 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं अहमद जिहाई बहले के बैग से फर्जी दस्तावेज, सिम कार्ड और 34 हजार रुपये नकद मिले।

जांच में सामने आया कि तीनों आरोपी विदेशी नागरिक होने के बावजूद बिना वैध अनुमति भारत में रह रहे थे और भारतीय पहचान पत्रों का अवैध रूप से उपयोग कर रहे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया।

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक हरीश भट्टड़ ने पैरवी की। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने तीनों ईरानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि जोधपुर निवासी सह-आरोपी सुनील बिश्नोई को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण दोषमुक्त कर दिया।

Share This Article
Leave a Comment